- नंदादि समूह
- भद्रा तिथि (स्वामी: बुध)। शुक्ल पक्ष नाम: उग्र कर्मा; कृष्ण पक्ष नाम: बाला एवं खला।
- नेत्र स्थिति
- शुक्ल पक्ष में एक-नेत्र तिथि; कृष्ण पक्ष में दो-नेत्र तिथि।
- कुल समूह
- अकुल तिथि।
- अमृत-घटी
- 57वीं से 60वीं घटी (आरंभ से 22घं 24मि से 24घं 00मि; चंद्र-सूर्य कोणीय अंतर: 73°12'00" से 74°00'00")।
- विष-घटी
- 5वीं से 8वीं घटी (आरंभ से 1घं 36मि से 3घं 12मि; चंद्र-सूर्य कोणीय अंतर: 73°18'00" से 74°06'00")।
- निषिद्ध अवधि
- 29वीं घटी पर तिथि कूपम्। प्रदोष: प्रथम 3/16वां भाग (1.5 पहर / 4घं 30मि)।
- मास शून्य
- भाद्रपद (कृष्ण पक्ष) तथा फाल्गुन (शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष)।
- दग्ध तिथि
- सूर्य मिथुन राशि में (शुक्ल पक्ष)।
- वार दग्ध
- मंगलवार (M.G.), शनिवार (M.G.)।
- तिथि-शून्य नक्षत्र
- हस्त, मूल।
- तिथि-शून्य लग्न
- कर्क, धनु।
- अशुभ लग्न
- धनु, मीन (भद्रा तिथियां)।
- घात तिथियां
- मिथुन एवं कर्क जन्म राशियों के लिए घात। तुला राशि के लिए अशुभ।
- विशेष योग
- मंगलवार (सिद्ध योग), बुधवार (अमृत योग), सोमवार (रत्नाकुर योग), बुधवार (मृत्यु योग), रविवार (दग्ध योग), रविवार (मधुसर्पिष योग - हस्त सहित), सोमवार (हलाहल योग - चित्रा सहित), शुक्रवार (विष योग), रविवार (हुताशन योग), रविवार (कुलिक योग), बुधवार (संवर्त योग)।
- दिशा शूल एवं योगिनी
- दिक् शूल: उत्तर-पश्चिम; योगिनी: उत्तर-पश्चिम।