आध्यात्मिक और धार्मिक साधना के लिए अनुकूल। इस पृष्ठ पर 2026 में हर ब्रह्म योग की सूची आपके स्थान के लिए आरंभ और समाप्ति समय सहित दी गई है।
नाम का अर्थ: ब्रह्म संबंधी — सृजनात्मक, पवित्र
ब्रह्म सृष्टिकर्ता का नाम धारण करता है, और यह उन तीन योगों में से एक है — सिद्ध एवं इन्द्र के साथ — जिन्हें शास्त्रीय मुहूर्त सत्ताईस योगों में सर्वाधिक शुभ मानता है। इसका संबंध सृजन, पवित्रता तथा दीर्घकालिक महत्व वाले किसी कार्य के आरंभ से है।
मुहूर्त ग्रंथ ब्रह्म को विशेष रूप से धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों के लिए अनुकूल मानते हैं — शास्त्राध्ययन, दीक्षा, तथा शिक्षा से जुड़े अनुष्ठान — साथ ही इसकी समग्र प्रतिष्ठा के कारण इसे कई प्रकार के महत्वपूर्ण आरंभों के लिए भी व्यापक रूप से उपयुक्त मानते हैं।
यह उन तीन योगों में से एक है — सिद्ध एवं इन्द्र के साथ — जिन्हें शेष से ऊपर रखा जाता है, यह सृष्टिकर्ता का नाम तथा पवित्रता एवं शिक्षा से संबंध धारण करता है। मुहूर्त ग्रंथ इसे विशेष रूप से शास्त्राध्ययन एवं दीक्षा के लिए, तथा व्यापक रूप से महत्वपूर्ण आरंभों के लिए अनुकूल मानते हैं।
नित्य योग सूर्य और चंद्रमा के देशांतर के योग (न कि अंतर, जैसा तिथि में होता है) पर आधारित 27 अवधियों में से एक है, प्रत्येक 13°20' चौड़ी। यह इसी पृष्ठ पर सूचीबद्ध रवि योग या सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे विशेष मुहूर्त योगों से भिन्न है — वे तिथि, नक्षत्र और वार के संयोजन से बनते हैं, जबकि नित्य योग हमेशा सक्रिय रहने वाला पंचांग का एक मूल अंग है।