स्वभाव एवं विशेषण
एकादशी। एकादशी (आनंद प्रदा: सुख उत्पन्न करने वाली)। अधिदेवता: मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार विश्वदेव (एक विशेष वर्ग के देवता)। एक अन्य मत: शुक्ल पक्ष में यम, कृष्ण पक्ष में धर्म। बृहत् संहिता में रुद्र; पूर्व कालामृत में धर्म बताया गया है।
अनुमत कार्य
विवाह, समस्त धार्मिक कार्य, देवोत्सव, व्रत, व्रत-समापन, अलंकार, उपनयन, आभूषण, चित्रकला, मूर्तिकला शिक्षण, वस्त्र डिज़ाइन, पोशाक, नृत्य, यात्रा, गृह-प्रवेश एवं गृहारंभ तथा वास्तु संबंधी अन्य सभी कार्य, पेय निर्माण, वाणिज्य, युद्ध संबंधी मामले।
निषिद्ध कार्य एवं भोजन
एकादशी को पका हुआ चावल या दलिया खाना सर्वथा निषिद्ध है (काल प्रकाशिका के अनुसार एकादशी का पका चावल खाना ब्राह्मण-हत्या के समान है)। निषिद्ध भोजन: केला एवं वल्ल। एकादशी को उबटन लगाना निषिद्ध है। एकादशी तिथि में शरीर पर तेल लगाना निषिद्ध है।
वर्गीकरण एवं विशेषताएं
- नंदादि समूह
- नंदा तिथि (स्वामी: शुक्र)। शुक्ल पक्ष नाम: बलि एवं सुमहती; कृष्ण पक्ष नाम: वृद्धि-कर्ता, मंगलप्रदा।
- नेत्र स्थिति
- शुक्ल पक्ष में दो-नेत्र तिथि; कृष्ण पक्ष में अंधी तिथि। काणी-तिथि भी।
- कुल समूह
- अकुल तिथि।
- अमृत-घटी
- 57वीं से 60वीं घटी (आरंभ से 22घं 24मि से 24घं 00मि; चंद्र-सूर्य कोणीय अंतर: 131°12'00" से 132°00'00")।
- विष-घटी
- 4थी से 7वीं घटी (आरंभ से 1घं 12मि से 2घं 48मि; चंद्र-सूर्य कोणीय अंतर: 120°36'00" से 121°24'00")।
- निषिद्ध अवधि
- आरंभिक 24 मिनट में तिथि गंडांत। 51वीं घटी पर तिथि कूपम्।
- मास शून्य
- मार्गशीर्ष (शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष)।
- दग्ध तिथि
- सूर्य कर्क राशि में (शुक्ल पक्ष)।
- वार दग्ध
- सोमवार (M.C., ऋषि बृहस्पति)।
- तिथि-शून्य नक्षत्र
- रोहिणी।
- तिथि-शून्य लग्न
- धनु, मीन।
- अशुभ लग्न
- सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर।
- घात तिथियां
- मेष एवं वृश्चिक जन्म राशियों के लिए घात। कुंभ राशि के लिए अशुभ।
- विशेष योग
- मंगलवार (सिद्ध/अमृत योग), गुरुवार (रत्नाकुर योग), गुरुवार (मृत्यु योग), बुधवार (करकच योग)।
- दिशा शूल एवं योगिनी
- दिक् शूल: दक्षिण-पूर्व; योगिनी: दक्षिण-पूर्व।
शांति एवं दान
स्वर्ण में भगवान विष्णु की मूर्ति, घी से भरी तांबे की थाली में रखें।