स्थिरता तथा उन कार्यों के लिए अनुकूल जिनमें धैर्य और दीर्घकालिक निष्ठा अपेक्षित हो। इस पृष्ठ पर 2026 में हर धृति योग की सूची आपके स्थान के लिए आरंभ और समाप्ति समय सहित दी गई है।
नाम का अर्थ: स्थिरता, संकल्प
धृति का अर्थ है स्थिरता अथवा संकल्प, और इसी अनुरूप इस योग को शीघ्रता के बजाय धैर्य को प्राथमिकता देने वाला माना जाता है। यह शुभ योगों में सम्मिलित है और विशेष रूप से उन कार्यों से जुड़ा है जिनमें धैर्य अपेक्षित हो — ऐसे संकल्प जो शीघ्र नहीं, अपितु समय के साथ दृढ़ बने रहें।
इस स्थिर स्वभाव के कारण धृति को दीर्घकालिक कार्यों हेतु परंपरागत रूप से अनुशंसित किया जाता है — स्थायी अनुबंधों में प्रवेश, अनुशासित साधना का आरंभ, अथवा ऐसा कोई भी संकल्प जिसमें तत्काल परिणाम से अधिक निरंतरता की क्षमता महत्वपूर्ण हो।
वे कार्य जो शीघ्रता के बजाय धैर्य पर निर्भर हों — इसका नाम ही स्थिरता है, और इसे स्थायी संकल्पों, अनुशासित साधना तथा उन कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है जिनमें तत्काल परिणाम से अधिक निरंतरता की क्षमता महत्वपूर्ण हो।
नित्य योग सूर्य और चंद्रमा के देशांतर के योग (न कि अंतर, जैसा तिथि में होता है) पर आधारित 27 अवधियों में से एक है, प्रत्येक 13°20' चौड़ी। यह इसी पृष्ठ पर सूचीबद्ध रवि योग या सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे विशेष मुहूर्त योगों से भिन्न है — वे तिथि, नक्षत्र और वार के संयोजन से बनते हैं, जबकि नित्य योग हमेशा सक्रिय रहने वाला पंचांग का एक मूल अंग है।